पनामा लीक : जानिए दस बड़ी बातें: राजनेताओं, एक्टरों, खिलाड़ियों के साथ 500 भारतीय भी शामिल
पनामा
पेपर्स द्वारा जारी किए गए दस्तावेज और उसमें कई बड़े रसूखदार लोगों का
नाम सामने आने के बाद दुनियाभर में हडकंप मच गया है। टैक्स हैवन देश कहे
जाने वाले पनामा की लॉ फर्म मोसेक फोंसेका के पास मौजूद इन दस्तावेजों में
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ-साथ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज
शरीफ, मशहूर फुटबॉलर लियोनेल मैसी और करीब 500 भारतीय रसूखदार लोगों और
चर्चित हस्तियों के अलावा कई उद्योगपतियों और मुंबई गैंगेस्टर के नाम भी
शामिल हैं।
पनामा दस्तावजों से जुड़ी 10 बातें
1. एक भारतीय अंग्रेजी अखबार ने कई मीडिया कंपनियों और समूहों के साथ मिलकर इन दस्तावेजों की छानबीन की है। जानकारी के मुताबिक इन दस्तावजों को किसी अज्ञात शख्स ने उन्हें उपलब्ध कराया था। बताया जा रहा है कि इन दस्तावेजों में फिल्म और खेल जगत की कई हस्तियों के अलावा करीब 140 राजनेताओं की छिपी हुई संपत्ति का खुलासा हुआ है।
2. बताया जा रहा है कि करीब 300 पत्रकारों ने मिलकर 35 से भी ज्यादा देशों में चलाई जा रही पनामा की लॉ फर्म मोंसेका के लीक हुए लाखों दस्तावेजों की गहन जांच पड़ताल कर फर्जी कंपनी की आड़ में पैसा छिपाने वाले लोगों का खुसाला किया है।
3. अंग्रेजी अखबार के मुताबिक उन्होंने आठ महीने में 36000 से भी ज्यादा फाइलों की जांच की है और इस जांच के दौरान उन्होंने 500 ऐसे भारतीयों के बारे में पता चला है जो विदेशों में फर्जी कंपनियो और संस्थानों से जुड़े हुए थे। अखबार के मुताबिक उन्होंने करीब 300 पतों पर जाकर इन नामों की स्वयं पुष्टि भी की है।
4. आपको बता दें कि साल 2003 से पहले भारतीयों को विदेशों में कंपनी खोलने की इजाजत नहीं थी। साल 2004 में सरकार ने लोगों को विदेशों में एक निश्चित सीमा तक पैसा भेजने की इजाजत दी। इसके बाद साल 2013 में फिर नियम बदला और भारतीयों को विदेशों में सब्सि़डियरी कंपनियों को खोलने और संयुक्त उपक्रमों में निवेश करने की इजाजत दी गई लेकिन बताया जा रहा है कि अधिकतर कंपनियां पहले ही खोली जा चुकी थी और उसमें तय सीमा से अधिक निवेश की किया जा चुका था।
5. अंग्रेजी अखबार द्वारा किए गए इस खुलासे में कई नेताओं के भी नाम शामिल होने की बात कही जा रही है जो या तो मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष हैं या पूर्व में राष्ट्राध्यक्ष रह चुके हैं। इनमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तान के राष्ट्रपति नवाज शरीफ और सऊदी अरब के राजा का नाम भी शामिल है।
6. दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि शी जिनपिंग और उनके परिवार का विदेशी कंपनियों से संबंध हैं। आपको बता दें कि शी जिनपिंग ने अपने देश में पिछले दिनों भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ एक मुहीम शुरू की थी जिसके बाद सैंकड़ो अधिकारियों को जेल की सजा हुई थी।
7. जांच में रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन का नाम नहीं है लेकिन बताया जा रहा है कि उनके करीबी लोगों ने बैंक और फर्जी कंपनियों की मदद से करीब दो अरब अमेरिकी डॉलर की हेरफेर की।
8. बताया जा रहा है कि इन दस्तावेजों में मशहूर फुटबॉल खिलाड़ी लायनन मेसी और उनके पिता का भी नाम शामिल है।
9.अंतराष्ट्रीय खोजी पत्रकार संघ द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों से दुनियाभर के कई लोगों और राजनेताओं पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है।
10. पनामा के ये दस्तावेज उस समय सामने आए हैं जब भारत सरकार द्वारा काले धन के मामले को लेकर बनाई गई एसआईटी अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने की तैयारी कर रही थी।
पनामा दस्तावजों से जुड़ी 10 बातें
1. एक भारतीय अंग्रेजी अखबार ने कई मीडिया कंपनियों और समूहों के साथ मिलकर इन दस्तावेजों की छानबीन की है। जानकारी के मुताबिक इन दस्तावजों को किसी अज्ञात शख्स ने उन्हें उपलब्ध कराया था। बताया जा रहा है कि इन दस्तावेजों में फिल्म और खेल जगत की कई हस्तियों के अलावा करीब 140 राजनेताओं की छिपी हुई संपत्ति का खुलासा हुआ है।
2. बताया जा रहा है कि करीब 300 पत्रकारों ने मिलकर 35 से भी ज्यादा देशों में चलाई जा रही पनामा की लॉ फर्म मोंसेका के लीक हुए लाखों दस्तावेजों की गहन जांच पड़ताल कर फर्जी कंपनी की आड़ में पैसा छिपाने वाले लोगों का खुसाला किया है।
3. अंग्रेजी अखबार के मुताबिक उन्होंने आठ महीने में 36000 से भी ज्यादा फाइलों की जांच की है और इस जांच के दौरान उन्होंने 500 ऐसे भारतीयों के बारे में पता चला है जो विदेशों में फर्जी कंपनियो और संस्थानों से जुड़े हुए थे। अखबार के मुताबिक उन्होंने करीब 300 पतों पर जाकर इन नामों की स्वयं पुष्टि भी की है।
4. आपको बता दें कि साल 2003 से पहले भारतीयों को विदेशों में कंपनी खोलने की इजाजत नहीं थी। साल 2004 में सरकार ने लोगों को विदेशों में एक निश्चित सीमा तक पैसा भेजने की इजाजत दी। इसके बाद साल 2013 में फिर नियम बदला और भारतीयों को विदेशों में सब्सि़डियरी कंपनियों को खोलने और संयुक्त उपक्रमों में निवेश करने की इजाजत दी गई लेकिन बताया जा रहा है कि अधिकतर कंपनियां पहले ही खोली जा चुकी थी और उसमें तय सीमा से अधिक निवेश की किया जा चुका था।
5. अंग्रेजी अखबार द्वारा किए गए इस खुलासे में कई नेताओं के भी नाम शामिल होने की बात कही जा रही है जो या तो मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष हैं या पूर्व में राष्ट्राध्यक्ष रह चुके हैं। इनमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तान के राष्ट्रपति नवाज शरीफ और सऊदी अरब के राजा का नाम भी शामिल है।
6. दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि शी जिनपिंग और उनके परिवार का विदेशी कंपनियों से संबंध हैं। आपको बता दें कि शी जिनपिंग ने अपने देश में पिछले दिनों भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ एक मुहीम शुरू की थी जिसके बाद सैंकड़ो अधिकारियों को जेल की सजा हुई थी।
7. जांच में रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन का नाम नहीं है लेकिन बताया जा रहा है कि उनके करीबी लोगों ने बैंक और फर्जी कंपनियों की मदद से करीब दो अरब अमेरिकी डॉलर की हेरफेर की।
8. बताया जा रहा है कि इन दस्तावेजों में मशहूर फुटबॉल खिलाड़ी लायनन मेसी और उनके पिता का भी नाम शामिल है।
9.अंतराष्ट्रीय खोजी पत्रकार संघ द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों से दुनियाभर के कई लोगों और राजनेताओं पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है।
10. पनामा के ये दस्तावेज उस समय सामने आए हैं जब भारत सरकार द्वारा काले धन के मामले को लेकर बनाई गई एसआईटी अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने की तैयारी कर रही थी।
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