राज्यसभा में हंगामे से नाराज हुए उप-सभापति, पूछा क्या यही है डेमोक्रेसी

लोकसभा में आज स्मृति इरानी के बयान, रोहित वेमुला, अफजल गुरू की फांसी और इशरत जहां के मुद्दे पर आए बयानों पर जमकर हंगामा हुआ। आज ही लोकसभा में वित्त मंत्री अरुण जेटली को आर्थिक सर्वे भी पेश करना था जिसको उन्होंने सदन में मचे बवाल के बाद पेश किया। इसमें पिछले 12 महीने की आर्थिक स्थिति और विभिन्न विकास कार्यक्रमों की समीक्षा रिपोर्ट है। इसके अलावा लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा आज भी जारी रही।

आर्थिक सर्वे को पेश किए जाने से पहले ही सदन में रोहित वेमुला, इशरत जहां, अफजल और स्मृति इरानी के मुद्दे पर हंगामा शुरू हो गया। राज्य सभा में बोलते हुए बसपा सुप्रिमो मायावती ने रेाहित वेमुला मामले में जांच कमेटी बनाने और इसमें किसी दलित को शामिल किए जाने की मांग की। उनकी इस मांग को राज्य सभा के स्पीकर और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने सही मानते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पर सरकार जरूर विचार करेगी। इसके जवाब में इरानी ने उन खबरों को गलत बताया जिसमें रोहित की जांच के लिए बनाई गई कमेटी में किसी दलित के न होने का जिक्र किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि रोहित को किसी तरह की फैलाेशिप के लिए रोका नहीं गया था। इसके बाद मायावती ने यह भी कहा कि वह उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हैं।

वहीं भाजपा ने इशरत जहां और अफजल के मुद्दे पर घेरने की कोशिश की है। केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा है कि कांग्रेस को इस पर बयान देना चाहिए। सदन में हुए हो हल्ले से नाराज उप सभापति पीजे कुरियन ने कहा कि कुछ सांसद पूरे सदन की कार्यवाही को बाधित कर रहे हैं। उन्होंने सांसदों से यह भी पूछा कि क्या यही डेमोक्रेसी है कि कुछ सांसद सदन के अन्य सदस्यों की आवाज को दबाने का काम कर रहे हैं।

स्मृति इरानी के मुद्दे पर मचे घमासान पर पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा का कहना था कि केंद्रीय मंत्री इस तरह से अपमान न करें। वहीं जदयू के सांसद अली अनवर का कहना था कि हर रोज हजारों की तादाद में पंपलेट वितरित किए जाते हैं। ऐसे में क्या स्मृति इरानी हर किसी को राज्यसभा में पढ़कर हमारे भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम करेंगी। वहीं सीताराम येचूरी ने भी मुख्तार अब्बास नकवी से अपना बयान वापस लेने की मांग की। वही नकवी ने भी विपक्ष से माफी मांगने की मांग कर डाली।

इस पर मचे हो-हल्ले पर राज्यसभा के स्पीकर का कहना था कि इस सदन की मर्यादा यही रही है कि कभी यहां पर किसी का अपमान करने के मकसद से कुछ नहीं कहा जाता है। केंद्रीय संसाधन मंत्री स्मृति इरानी ने इस मुद्दे पर जवाब देते हुए कहा कि वह खुद दुर्गा की पूजा करती है और ऐसा कहते हुए उन्हें भी दुख हुआ है। आनंद शर्मा का कहना था कि स्मृति इरानी को इस मुद्दे पर माफी मांगनी चाहिए। 

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