आयरन फिस्ट: राष्ट्रपति की मौजूदगी में वायु सेना दिखाएगी अपनी ताकत
राजस्थान के पोखरण में आज 'आयरन फिस्ट' के दौरान आज भारतीय वायु सेना राष्ट्रपति सहित कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति में अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन करेगी। हर दूसरे साल आयोजित होने वाले इस अभ्यास के दौरान वायु सेना अपने लड़ाकू विमानों के दमखम का सजीव प्रदर्शन करती है। इसमें लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हेलीकाप्टरों से दागे जाने वाले हथियारों का सीधा प्रदर्शन किया जाता है। 180 से अधिक विमान इस आयरन फिस्ट में भाग लेंगे।
एक नजर डालते हैं कुछ प्रमुख लड़ाकू विमानों पर जो इस अभ्यास में भाग लेंगे-
सुखोई 30-
एमकेआई भारतीय वायुसेना का शीर्ष पंक्ति का लड़ाकू विमान है। इस बहु-उपयोगी लड़ाकू विमान का निर्माण रूस के सैन्य विमान निर्माता सुखोई तथा भारत के हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड के सहयोग से हुआ है। इसी श्रृंखला के सुखोई 30 -एमकेके तथा एमके- 2 विमानों को चीन तथा बाद में इण्डोनेशिया को बेचा गया था।
मिकोयान मिग-29
यह एक रुसी लडाकू विमान है। हवा से हवा और हवा से समुद्र में मार करने वाले नौ रूसी मिग-29 फाइटर प्लेन मिलने से भारतीय नौसेना की ताकत है। ये प्लेन 3000 किलोमीटर की पहुंच वाले हैं। इस नौसैनिक फाइटर प्लेन का इस्तेमाल करने वाले दो देश भारत और रूस ही हैं। भारतीय नौसेना के पास फिलहाल मौजूद सी हैरियर जंप जेट्स से ये मिग विमान बहुत ज्यादा उन्नत हैं
मिराज फाइटर जेट-
फ्रांस द्वारा निर्मित इस विमान का इस्तेमाल एयरफोर्स करती है जो विश्व के सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू विमानों की सूची में दसवें नंबर पर है। इस विमान में जमीन पर भारी बमबारी करने के साथ ही हवा में मौजूद दूसरे विमानों को भी निशाना बनाने की क्षमता है। इसकी विशेषथा है कि यह हर तरह के मौसम में उड़ान भर सकता है ।
जैगुआर-
एक एंग्लो-फ्रेंच जमीनी लड़ाकू विमान है, जिसका प्रयोग भारतीय वायुसेना कर रही है। इसकी विशेषता है कि यह परमाणु हमला करने में सबसे उन्नत माना जाता है।
तेजस-
यह भारत द्वारा विकसित एक सीट और एक जेट इंजन वाला एक हल्का लडाकू जेट विमान है जिसे कई तरह की भूमिकाएं अदा कर सकता है। इसे हिन्दुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा विकसित किया गया है। विमान का आधिकारिक नाम तेजस 4 मई 2003 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने रखा था Watch News Videos http://videos.jagran.com/
एक नजर डालते हैं कुछ प्रमुख लड़ाकू विमानों पर जो इस अभ्यास में भाग लेंगे-
सुखोई 30-
एमकेआई भारतीय वायुसेना का शीर्ष पंक्ति का लड़ाकू विमान है। इस बहु-उपयोगी लड़ाकू विमान का निर्माण रूस के सैन्य विमान निर्माता सुखोई तथा भारत के हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड के सहयोग से हुआ है। इसी श्रृंखला के सुखोई 30 -एमकेके तथा एमके- 2 विमानों को चीन तथा बाद में इण्डोनेशिया को बेचा गया था।
मिकोयान मिग-29
यह एक रुसी लडाकू विमान है। हवा से हवा और हवा से समुद्र में मार करने वाले नौ रूसी मिग-29 फाइटर प्लेन मिलने से भारतीय नौसेना की ताकत है। ये प्लेन 3000 किलोमीटर की पहुंच वाले हैं। इस नौसैनिक फाइटर प्लेन का इस्तेमाल करने वाले दो देश भारत और रूस ही हैं। भारतीय नौसेना के पास फिलहाल मौजूद सी हैरियर जंप जेट्स से ये मिग विमान बहुत ज्यादा उन्नत हैं
मिराज फाइटर जेट-
फ्रांस द्वारा निर्मित इस विमान का इस्तेमाल एयरफोर्स करती है जो विश्व के सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू विमानों की सूची में दसवें नंबर पर है। इस विमान में जमीन पर भारी बमबारी करने के साथ ही हवा में मौजूद दूसरे विमानों को भी निशाना बनाने की क्षमता है। इसकी विशेषथा है कि यह हर तरह के मौसम में उड़ान भर सकता है ।
जैगुआर-
एक एंग्लो-फ्रेंच जमीनी लड़ाकू विमान है, जिसका प्रयोग भारतीय वायुसेना कर रही है। इसकी विशेषता है कि यह परमाणु हमला करने में सबसे उन्नत माना जाता है।
तेजस-
यह भारत द्वारा विकसित एक सीट और एक जेट इंजन वाला एक हल्का लडाकू जेट विमान है जिसे कई तरह की भूमिकाएं अदा कर सकता है। इसे हिन्दुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा विकसित किया गया है। विमान का आधिकारिक नाम तेजस 4 मई 2003 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने रखा था Watch News Videos http://videos.jagran.com/
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